भाई साधु संतो से तो मैं भी डरता हूं, इसलिए मैं पहले ही बोल देता हूं निर्मल बाबा के चरणों में मेरा और मेरे परिवार का कोटि-कोटि प्रणाम। वैसे मैं जानता हूं कि साधु संत अगर आपको आशीर्वाद दें तो उसका एक बार फायदा आपको हो सकता है, पर वो चाहें कि आपको अभिशाप देकर नष्ट कर दें तो ईश्वर ने अभी उन्हें ऐसी ताकत नहीं दी है। इसलिए ऐसे लोगों से ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन मेरा उद्देश्य सिर्फ लोगों को आगाह भर करना है, तो ये कहता हू की सरकार को भी अपने काले धन की समस्या के लिये बाबा के पास जाना चाहिए, बाबा जी अरबो की समस्या मिनटों में दूर का देगे, अब न भष्टाचार होगा न महंगाई सब समस्या का इलाज है!
बस एक बात समझ नहीं आयी ,की ये बाबा अपने उपर ही कृपा कर के अरबो रु क्यों नहीं काम लेते ,क्यों ये भोले भाले लोगो को बेफकूफ बनाते है जो इन के पास आता है, वो वेसे ही परेशान होता है और ये लोग उसकी परेशानी का फायदा उठा कर अपना उल्लू सीधा करते है, अगर ये सच में ही कृपा करते है तो मुफ्त में क्यों नहीं करते क्यों इनको कृपा करने के लिये 2000 रु चाहिए/इन की ट्रिक ये होती है की 1000 लोगो को कोई बात बताओ उन में से अगर 200 पर भी तुका सही लग गया तो आप की गाड़ी तो चल पड़ी, वो 200 तो फस गए अब वो 200, 500 लोगो को और ले कर आयेगे/
मैं सिर्फ निर्मल बाबा से संबंधित कुछ प्रश्न आपके सामने रखना चाहूँगा...
1. फिलहाल बाबा के भारत के 16 राष्ट्रीय चैनलों, और 3 विदेशी चैनलों पर विदेशों में कार्यक्रम चल रहे है. केवल आस्था पर बीस मिनट का मासिक व्यय सवा चार लाख+टेक्स है, तो अन्य राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर कितना लगता होगा ?
2. बाबा के समाधान का एक उदहारण देखिये : आपके घर में गणेश जी की मूर्ती है ? अकेली है? नहीं..तो अकेली लगाओ.. हाँ तो लक्ष्मी जी के साथ लगाओ, इस से समृद्धि आएगी... दक्षिण में है तो उत्तर में लगाओ, उत्तर में है तो दक्षिण में लगाओ...क्या आपने इस स्थिति को महसूस नहीं किया ?
3. अगर बाबा के आशीर्वाद से सब कुछ हो सकता है तो इतने चैनल्स पर आने की क्या ज़रूरत?
4. अपने आरंभिक दिनों में नॉएडा के फिल्मसिटी में स्थित एक स्टूडियो में शूटिंग करते वक़्त बाबा के सामने जो लोग अपनी समस्या के हल होने का दावा करते थे, वे असली लोग न होकर "जुनियर आर्टिस्ट" हुआ करते थे ?
5. बाबा के किसी शहर में जाने से पूर्व वह एक टीम पहले जाकर "मार्केटिंग" का काम संभालती है. और मार्केटिंग भी ऐसी वैसी नहीं... भरी वाली ? क्यों,जबकि बाबा तो अंतर्यामी है..आपके घर की हर चीज़ आँखे बंद करके देख सकते है ??
6. समाचार चैनल्स को विज्ञापन रूपी कार्यक्रम (पेड प्रोग्राम) के रूप मिलने से वे अपने "क्लाइंट" नहीं खोना चाहते, इस से निर्मल बाबा के खिलाफ कोई खबर नहीं चलती.... क्या ये सच है? (यह भी बता दूं कि बाबा का हर प्रमुख न्यूज़ चैनल पर सुबह प्रोग्राम आता है)
बस जी मेरा काम केवल आपको भूमिका समझाना था, क्योंकि आजकल कुछ ऐसी ही कहानी चल रही है निर्मल बाबा के समागम यानि टीवी के लाफ्टर शो में।
इस पर आपकी क्या राय है...

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